जय महागौरी माता, ॐ जय श्यामा गौरी ।
तुमको निशिदिन ध्यावत , हरी ब्रह्मा शिवरी ॥
ॐ जय महागौरी मैया।
जय महागौरी, जगत की माया।
जय उमा भवानी, जय महामाया॥
हरिद्वार कनखल के पासा,
महागौरी तेरी वहाँ निवासा...
चंद्रकली और ममता अंबे,
जय शक्ति, जय जय माँ जगदंबे॥
भीमा देवी, विमला माता,
कौशिकी देवी, जग विख्यत...
हिमाचल के घर गौरी रूप तेरा,
महाकाली दुर्गा है स्वरूप तेरा॥
सती हवन कुंड में था जलाया,
उसी धुएं ने रूप काली बनाया...
बना धर्म सिंह जो सवारी में आया,
तो शंकर ने त्रिशूल अपना दिखाया॥
तभी माँ ने “महागौरी” नाम पाया,
शरण आनेवाले का संकट मिटाया...
शनिवार को तेरी पूजा जो करता,
माँ बिगड़ा हुआ काम उसका सुधरता॥
भक्त बोलो, तो सोच तुम क्या रहे हो ?
महागौरी माँ, तेरी हरदम ही जय हो...
जय माँ महागौरी मैया।
माँ महागौरी जी की आरती, जो कोई नर गाता,
उर आनंद समाता, पाप उतर जाता
जय मां महागौरी
ॐ जय महागौरी माता
मैया जय महागौरी माता ।।
कहत सदानंद स्वामी
ऋद्धि सिद्धि पावे
जय महागौरी माता।।