दो एकम दो, दो दूनी चार
प्रेम से बोलो मैया जी की है जय जयकार॥
दो तिया छह, दो चौके आठ
देखो जी, देखो जी, मेरी मैया जी के ठाठ॥
दो एकम दो, दो दूनी चार
हो मैया की महिमा है बड़ी महान
जयकारे से गूंजता है सारा जहान॥
शेरावाली मैया तेरी ऊँची है शान
बच्चों को ममता को देती वरदान॥
लाल है बिंदिया, लाल है चुनरिया – जय हो!
लाली करे कमाल, चोला लाल
मैया का चोला लाल-लाल-लाल॥
दो पंझे दस, दो छक्के बारह
भक्तों को मैया ने दिया सहारा॥
शक्ति की ज्योति देवों ने लगाई
शक्ति की शक्ति ने धूम मचाई॥
भरते हैं पानी देवताओं के राजा
राजा इंद्र ने बाल्टी मंगाई॥
भैरव करते हैं निगरानी – जय हो!
लेकर हाथ में भाला, लाल-लाल हो चोला
मैया का चोला लाल-लाल-लाल॥
दो सत्ते चौदह, दो अठे सोलह
मैया जी के भजनों में तन मन डोला॥
पवन देव ने आके रसोई बनाई
सूरज की किरणों ने अग्नि जलाई॥
चंद्रमा की चांदनी ने किया उजाला
तारों सितारों ने थाली सजाई॥
शेरावाली के भरे भंडारे – जय हो!
करती है मालामाल, लाल-लाल चोला
मैया का चोला लाल-लाल-लाल॥
दो नव्वे अठारह, दो दहे बीस
शक्ति के चरणों में झुक जाए शीश॥
दो एकम दो, दो दूनी चार
प्रेम से बोलो मैया जी की है जय जयकार॥
प्रेम से बोलो मैया जी की है जय जयकार॥